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Showing posts from May, 2021

मेरे ख़याल

ऐ काश कहीं ऐसा होता  मेरा दिल उसके सीने में होता  उसका दिल मेरे सीने में होता  वो मेरे दिल का हाल जानती  मै उसके दिल का हाल जानता 

मेरा दर्द

होठो से मुस्कुरा कर हम अपने दिल के दर्द को छुपायेंगे  तेरे सामने हम हमेशा यूं ही मुस्कुरायेंगे
नाम का अक्स होता है इंसानो में  हूर तो नहीं है वो मगर हूर सी लगती है  सायद हूर के नाम का अक्स है इसलिए हूर सी लगती है
घड़े में रखा पानी कितनी भी देर बाद पियो उसका मज़ा अलग होता है कितने भी दिन बिछड़ा हुआ रहूँ उससे मगर दूबारा मिलने का मज़ा अलग होता है
उसके भी दिल में इश्क़ तो है मगर ज़ुबा से कह नहीं सकती  मेरा दर्द देख कर उसका भी दिल मचलता है  मगर अपनी ज़ुबा से कह नहीं सकती 
उसको याद न करुँ तो नींद भी नहीं आती है  सायद नींद को भी बख़ूबी इल्म है  उसको याद न करुँ तो नींद भी अधूरी होती है 
मै अपनी ख़ुशी के लिए उसकी ख़ुशियों क़ुर्बान नहीं करना चाहता  इसलिए मै अपनी मोहब्बत का इजहार नहीं करना चाहता
अब जिया नहीं जाता मुझसे मगर जी रहा हूँ  अब इश्क़ करना मेरे बस में न रहा मगर तुझसे इश्क़ कर रहा हूँ 

उसका हक़ है

मै कौन होता हूँ उसको रोकने वाला  किसी ओर से इश्क़ करने पर  जब उसको मुझसे इश्क़ नहीं तो  हक़ है उसको किसी ओर से इश्क़ करने का 

तोहफ़ा

मैं तुमको एक इनाम देता हूँ इनाम में तुमको एक नाम देता हूँ  मैं तुमको एक पैग़ाम देता हूँ  पैग़ाम में तुमको प्यार देता हूँ  Ñömāñ Fîkrí